Hard Disk क्या है | इसके प्रकार,कार्य,पार्ट्स और विशेषताएं| Hard Disk in Hindi

हार्ड ड्राइव क्या है? जब भी कोई कंप्यूटर के बारे बात करता है, तो यह एक सामान्य प्रश्न है जो सभी के सामने आता है. आज मैं पूरी कोसिस करूँगा की आपको हार्ड ड्राइव के बारे में अच्छे से समझें सकू.

मुझे नहीं पता की आप इस आर्टिकल को किस मोटिव पढ़ रहे है पर मैं समझ रहा हु की आप इस आर्टिकल को हार्ड ड्राइव अपडेट करने के लिए , यही हार्ड ड्राइव वाले कंप्यूटर को खरीदने के लिए , या फिर हार्ड ड्राइव के ज्ञान के लिए और आपके कुछ कारण हो सकते है. चलिए तो अब जानने की की हार्ड ड्राइव क्या है?

हार्ड ड्राइव की परिभाषा क्या है? (Hard Drive Defination in Hindi)

हार्ड ड्राइव या हार्ड डिस्क यह हार्डवेयर का एक पार्ट होता है जिसका उपयोग कंप्यूटर पर डिजिटल कंटेंट और डाटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है. हर एक कंप्यूटर में इंटरनल हार्ड ड्राइव होती है और अगर आप चाहे तो एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव लगा कर कम्यूटर के स्टोरेज कपीसिटी को बड़ा सकते है.

हार्ड ड्राइव क्या है? (What is Hard Disk in Hindi)

कंप्यूटर में हार्ड डिस्क ड्राइव एक नॉन वोलेटाइल स्टोरेज डिवाइस है , अर्थात कंप्यूटर के बंद होने पर भी डाटा यहाँ पर स्टोर रहता है. हर एक कंप्यूटर को स्टोरेज डिवाइस जरुरत होती है और हार्ड डिस्क ड्राइव एक प्रकार से स्टोरेज डिवाइस का उदहारण ही है.

ज्यादातर हार्ड डिस्क ड्राइव डाटा सेंटर में डेस्कटॉप कंप्यूटर, कंस्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स , मोबाइल डिवाइस और एंटरप्रिजे स्टोरेज डिवाइस ऐरे के अंदर इंस्टॉल करते है. ये मैग्नेटिक डिस्क का उपयोग करके ऑपरेटिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर प्रोग्राम और अन्य फाइल्स को स्टोर करते है.

हार्ड डिस्क ड्राइव डाटा स्टोरेज करने वाले हार्ड डिस्क के लिखने और पढ़ने के कार्य को कंट्रोल करता है. हार्ड डिस्क ड्राइव का उपयोग कंप्यूटर में प्राइमरी या सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस के रूप में किया जाता है और ये ड्राइव बे में पाए जाते है.

जो एडवांस्ड टेक्नोलॉजी अटैचमेंट(ATA), सीरिसल ATA ,पैरेलल ATA या स्माल कंप्यूटर सिस्टम इंटरफ़ेस(SCSI) केबल के माध्यम से मदरबोरड से कनेक्टेड होते है. हार्ड डिस्क ड्राइव एक पावर सप्लाई यूनिट से कनेक्टेड होता है जिसमे पावर हट जाने पर भी डाटा को स्टोर करके रख सकता है.

कंप्यूटर को हार्ड डिस्क की आवश्यकता क्यों है?

ऑपरेटिंग सिस्टम , प्रोग्राम, एडिशनल स्टोरेज डिवाइस को इनस्टॉल करने और जरुरी डॉक्यूमेंट को सेव करने के लिए हार्ड डिस्क ड्राइव का उपयोग किया जाता है. अगर आपके कंप्यूटर में हार्ड डिस्क ड्राइव नहीं होगा तो आपने जो भी फाइल्स , प्रोग्राम्स और डॉक्यूमेंट को स्टोर किया है , वह कंप्यूटर बंद होते ही मिट या रिमूव हो जाता है.

यही कारण है की अगर आपको अपने फाइल्स , प्रोग्राम्स और डाक्यूमेंट्स को स्टोर करके रखना है तो आपके कंप्यूटर में कम से कम एक स्टोरेज डिवाइस होना आवश्यक है.

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हार्ड डिस्क ड्राइव कैसे काम करते हैं? (How do hard disk drives work in Hindi?)

हार्ड डिस्क में कई डिस्क प्लैटर्स होते है जो एल्युमीनियम , कांच और सिरेमिक से बनाया गया एक सर्कुलर डिस्क होता है और यह एक सील्ड चेम्बर के अंदर एक स्पिंडल के आसपास मौजूद होते है.प्लेटर एक मोटर के साथ घूमता है जो स्पिंडल से कनेक्टेड होते है. चेम्बर के अंदर रीड/राइट हैंड्स होते जो मैग्नेटिक हेड का यूज़ करके प्लैटर्स पर ट्रैकर्स के द्वारा आने वाली जानकारी या डाटा को मैग्नेटिकलि रिकॉर्ड करते है.

मोटर्स प्लैटर्स को 1 मिनट में 15000 बार घूमती है और जैसे ही एक प्लैटर्स घूमती है ,दूसरा मोटर्स रीड एंड राइट की स्थिति को कंट्रोल करती है जो मैगनेटकलि प्रतेक प्लेट जानकारी को रिकॉर्ड करता है.

हार्ड ड्राइव क्या करता है? (What does a hard drive do in Hindi?)

अगर हम सीधे शब्दो में कहे तो हार्ड डिस्क ड्राइव डाटा को स्टोर करके का काम करती है, जैसे इमेज ,वीडियोस, डॉक्यूमेंट,सांग्स और एप्लीकेशन। इतना ही नहीं इसके साथ साथ कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम ,फ्रेमवर्क और ड्राइव के कोड को हार्ड डिस्क ड्राइव के अंदर स्टोर करती है. एक हार्ड की कपीसिटी मेगाबाइट(MB), गीगाबाइट(GB) और टेराबाइट(TB) तक की होती है.

यह RAM की तरह बिलकुल भी नहीं है , Ram तो एक वोलेटाइल मेमोरी है जो डाटा को कंप्यूटर के चालू होने तक ही डाटा को स्टोर करके रखती है. RAM को पर्सनल डाटा के लिए उपयोग नहीं किया जाता है पर इसे किया जाता है. RAM एक प्राइमरी मेमोरी है , जबकि हार्ड डिस्क ड्राइव और सॉलिड स्टेट ड्राइव सेकंडरी मेमोरी के अंदर आते है.

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हार्ड डिस्क ड्राइव का इतिहास (History of Hard Disk in Hindi)

पहली बार हार्ड डिस्क ड्राइव को 1953 में IBM के इंजीनियर से बनाया था. यह इंजीनियर कम पैसो में डाटा की हाई कपीसिटी तक रैंडम एक्सेस की पहुंच प्रदान करने का तरीका खोज रहे थे. जिस हार्ड डिस्क ड्राइव का निर्माण किया गया वह रेफिजरेटर के साइज का था , जो केवल 3.75 MB डाटा को स्टोर कर सकता था और इसकी शिपिंग 1956 में शुरू कर दी गई. Memorex, Seagate Technology और Western Digital यह हार्ड डिस्क ड्राइव के शुरूआती विक्रेता थे.

आगे जैसे जैसे टेक्नोलॉजी विकसित होती गयी हार्ड डिस्क का साइज कम होता है. 1980 के बीच में 3.5-inch और 2.5-inch का फॉर्म फैक्टर लांच किया गया जो पर्सनल कंप्यूटर में स्टैंडर्ड बन गया.

जैसे -जैसे टेक्नोलॉजी डेवलप होने लगी हार्ड डिस्क ड्राइव की डेंसिटी बढ़ने लगी ,जो हार्ड डिस्क ड्राइव एक समय 3.75 MB स्टोर करती थी वह मेगाबाइट डाटा स्टोर करने लगी और आज तो टेराबाइट तक पहुंच चुकी है.

Hitachi Global Storage Technologies (HGST) जो अब Western Digital brand ने 2007 में पहली बार 1 TB हार्ड डिस्क ड्राइव को पेश किया – HGST ने 2015 में 10 TB हार्ड डिस्क ड्राइव को लांच किया -2021 में Western Digital ने 20TB हार्ड डिस्क ड्राइव को पेश किया।

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हार्ड डिस्क ड्राइव के प्रकार (Type of Hard Disk in Hindi)

आज के समय में हार्ड डिस्क ड्राइव को चार प्रकारो में बाटा गया है:

  1. Parallel ATA
  2. Serial ATA
  3. Small Computer System Interface(SCSI)
  4. Solid State Drives(SSD)

चलिए इनके बारे में एक एक करके जानते है;

1.Parallel ATA (Parallel Advanced Technology Attachment)

Parallel ATA हार्ड डिस्क ड्राइव के प्रकारों में से एक है , इन्हे integrated drive electronics (IDE) या enhanced integrated drive electronics (EIDE) ड्राइव के रूप में भी जाना जाता है. यह PATA इंटरफ़ेस का उपयोग करने कंप्यूटर के पहले ड्राइव है.

PATA ड्राइव को Western Digital ने 1986 में बनाया था , यह ड्राइवर को कॉमन इंटरफ़ेस देता था ,जिसका यूज़ उस समय के बहुत से डिवाइस में किया जाता था. PATA ड्राइव डाटा ट्रांसफर करते समय 133 MB/S की स्पीड प्रदान करता था और master/slave configuration में दो PATA ड्राइव को एक केबल के साथ जोड़ा जाता था.

चार PATA ड्राइव को एक मदरबोर्ड के साथ कनेक्ट किया जाता था क्युकी मदरबोर्ड में IDE connections के लिए दो चैनल होते है. देखा जाये , तो PATA ड्राइव पुराने हो चुके है , अगर आप किसी शॉप में जाते है तो इनका मिलना मुश्किल हो सकता है.

2.Serial ATA (SATA)

हार्ड डिस्क ड्राइव के प्रकारो में Serial ATA सबसे सामान्य प्रकार की हार्ड ड्राइव है. यह कंप्यूटर और मदरबोर्ड दोनों को ही सपोर्ट करता है और यह दो आकार(size) में होते है जैसे , डेस्कटॉप कंप्यूटर के लिए 3.5 इंच ड्राइव और लैपटॉप कंप्यूटर के लिए 2.7 इंच ड्राइव छोटी ड्राइव होती है.

SATA ड्राइव की डिस्क के मॉडल के अनुसार भिन्न भिन्न स्पीड में घूमती है। डाटा ट्रांसमिशन की स्पीड को बढ़ाने के लिए ये 10,000 RPM तक पहुंच सकती है और बड़े सर्वर में यूज़ किये जाने पर ये 15,000 RPM तक पहुंच सकती है.

3.Small Computer System Interface (SCSI)

Small Computer System Interface भी हार्ड डिस्क ड्राइव का ही एक प्रकार है, इसको 1970 में बनाया गया था और जिस कंपनी से इसे बनाया था उसने किया नाम पहली बार Shugart Associates System Interface (SASI) रखा था. यह हार्ड डिस्क ड्राइव अन्य डिवाइस को कंप्यूटर से कनेक्ट करने के लिए 50-pin flat ribbon connector का यूज़ करता था.

Small Computer System Interface अभी पुराना हो चूका है लेकिन यह अभी भी कुछ कंप्यूटर में पाए जाते है. आज के SCSI केबल 80 MB/s की स्पीड तक डाटा को ट्रांसफर कर सकते है.

4.Solid-State Drives (SSD)

Solid-State Drive भी हार्ड डिस्क ड्राइव का ही एक प्रकार है और यह स्टोरेज टेक्नोलॉजी में बहुत आगे है. यह हार्ड डिस्क में मैग्नेटिक डिस्क को घुमाने के बजाय मेमोरी चिप्स से बना एक स्टोरेज ड्राइव होता है.

SSD में रोटेट करने के लिए कोई पार्ट्स नहीं होते है ,इसके आलावा SSD में डाटा सेमीकंडक्टर के अंडर ही स्टोर किये जाते है. SSD फ़्लैश मेमोरी की कांसेप्ट के ऊपर काम करता है ,जो मदरबोर्ड के RAM में यूज़ की जाने वाला एक कांसेप्ट है.

SSD ऑपरेटिंग पावर का उपभोग कम करता है , यह इसका एक फायदा है. इसका एक और फायदा है की इसे फेल(FAILURE) होने का दर नहीं रहता है और SSD की कीमत SATA हार्ड ड्राइव की कीमत से बहुत अधिक होता है.

Hard Disk Drive के 4 प्रमुख पार्ट्स (Parts of Hard Disk Drive in Hindi)

हार्ड ड्राइव जो डाटा और एप्लीकेशन को स्टोर करने के लिए स्टोरेज स्पेस को प्रदान करता है, इसके भी 4 प्रमुख पार्ट्स है – प्लेटर( जो डाटा को स्टोर करता है),स्पिंडल(यह प्लेटर को स्पिन करता है), रीड/राइट आर्म(डाटा को पढ़ने और लिखने के लिए), एक्टुएटर(रीड/राइट आर्म की क्रिया को कंट्रोल करता है).

1.Platters

प्लेटर जो हार्ड डिस्क ड्राइव के अंदर सर्कुलर डिस्क के रूप में होते है यहाँ पर आपकी फाइल्स बनाने वाले 1 और 0 स्टोर किये जाते है. यह एल्युमीनियम ,कांच और सेरेमिक से बने हुए होते है ,जो डाटा को परमानेंट स्टोर करने के लिए मैग्नेटिक सरफेस से जुड़े हुए होते है. डाटा को आसानी से खोजने के लिए ट्रैक, सिलिंडर्स और सेक्टर में प्लेटर का उपयोग किया जाता है.

2.Spindle

स्पिंडल पल्टेर को एक जगह पर रखता है और जरुरत पड़ने पर उसे घुमाता है. revolutions-per-minute की रेटिंग यह सुनिश्चित करती है की हार्ड डिस्क ड्राइव से डाटा कितने समय में लिखा और पढ़ा जा रहा है.

3.Read/Write Arm

रीड/राइट आर्म ,रीड राइट हेड की स्पीड को कंट्रोल करता है , जो मैग्नेटिक इलेक्ट्रिक सर्किट में ट्रांसफर करके डिस्क प्लेटर पर वास्तव में रीड और राइट करते है. आर्म यह बताता है की डाटा के आधार पर हेड सही जगह पर है, जिसे एक्सेस करने और लिखने की जरुरत है. प्रत्येक प्लेटर साइड में रीड /राइट हेड होता है जो प्लेटर सरफेस से 1 इंच के 3 से 20 millionths पार्ट्स तक तैरता है.

4.Actuator

एक्चुएटर या एक्चुएटर हेड एक छोटी सी मोटर है जो ड्राइव के सर्किट बोर्ड से रीड/राइट आर्म की स्पीड को कंट्रोल करती है और प्लेटर से ट्रांसफर हो रहे डाटा की निगरानी रखती है. यह सुनिश्चित करती है की रीड/राइट हेड हमेशा अपने सही जगह पर ही रहे.

👉Input Device क्या है👈

External Hard Disk Drive क्या है?

जब भी आप कोई कंप्यूटर लेते है तो उसके अंदर हार्ड डिस्क ड्राइव पहले से ही मौजूद होते है ,लेकिन अगर किसी कारण आपको एक्सटर्नल हार्ड डिस्क ड्राइव लगाने की जरुरत पड़ती तो आप आसानी से लगा सकते है. एक्सटर्नल हार्ड डिस्क ड्राइव का उपयोग कंप्यूटर की स्टोरेज कपीसिटी को बढ़ाने या डाटा का बैकअप लेने के लिए पोर्टेबल डिवाइस के रूप में किया जाता है.

एक्सटर्नल ड्राइव USB 2.0, USB-C या External SATA (eSATA) जैसे इंटरफ़ेस के द्वारा कंप्यूटर या डिवाइस से कनेक्ट किये जाते है. एक्सटर्नल हार्ड डिस्क ड्राइव में इंटरनल हार्ड डिस्क ड्राइव की तुलना में slower data transfer rates होता है.

एक्सटर्नल हार्ड डिस्क ड्राइव का फायदा यहाँ है की यह कंप्यूटर में स्टोरेज स्पेस को बढ़ाता है और इसके साथ साथ यह पोर्टेबल भी होता है. इसके माध्यम से यूजर कई डिवाइस से डाटा को स्टोर करके कही पर भी लेकर जा सकते है.

Internal Hard Disk Drive क्या है?

इंटरनल हार्ड डिस्क ड्राइव एक स्टोरेज डिवाइस है जो कंप्यूटर सिस्टम के अंदर होता है और यह पहले से ही इंस्टाल सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन ,ऑपरेटिंग सिस्टम और अन्य फाइल्स में होता है. ज्यादातर डेस्कटॉप कंप्यूटर में ऐसे इंटरनल हार्ड डिस्क ड्राइव जो कंप्यूटर सिस्टम को डाटा स्टोरेज के लिए अधिक जगह प्रदान करते है.

इसके विपरीत लैपटॉप कंप्यूटर में केवल एक हार्ड डिस्क ड्राइव लगाने की जगह होती है, जिससे यूजर को लैपटॉप के इंटरनल हार्ड डिस्क ड्राइव से अधिक डाटा स्टोरेज को बढ़ाने के लिए एक्सटर्नल हार्ड डिस्क ड्राइव को लगाने के लिए विवश होता है.

👉Output Device क्या है?👈

Internal और External Hard Disk Drive के बीच अंतर क्या हैं?

अगर आप कंप्यूटर का उपयोग करते है तो आपके कंप्यूटर में एक स्टोरेज डिवाइस होना जरूरी है, ज्यादातर स्टोरेज ड्राइव इंटरनल ड्राइव होते है जो आपके कंप्यूटर कॅश के अंदर स्थित होते है. इंटरनल ड्राइव अलग अलग प्रकार के स्टोरेज साइज में आते है और अगर आपको योग्य स्टोरेज स्पेस नहीं मिलता है ,तो बाद में आप इसे बदल सकते है.

इंटरनल ड्राइव के आलावा आप एक्सटर्नल ड्राइव का भी उपयोग कर सकते है जो आमतौर पर आपके कंप्यूटर में एक USB पोर्ट के रूप में लगा सकते है.एक्सटर्नल हार्ड डिस्क ड्राइव आपके बैकअप फाइल्स , फोटोज , सांग्स ,और अन्य मुख्य फाइल्स को स्टोर करने के लिए उपयुक्त जगह प्रदान करता है.

एक्सटर्नल ड्राइव एक पोर्टेबल डिवाइस भी होते है जिसे आप कंप्यूटर के साथ कही भी लेकर जा सकते है. इसके माध्यम से आप फोटोज ,वीडियोस एंड सांग्स को आसानी से शेयर कर सकते है.

अन्य मेमोरी स्टोरेज विकल्प क्या हैं?

हार्ड डिस्क ड्राइव के अलावा सॉलिड स्टेट ड्राइव एक प्रकार की स्टोरेज ड्राइव है जो हार्ड ड्राइव की तरह ही काम करता है , लेकिन HDD से अलग प्रकार के टेक्नोलॉजी का यूज़ करती है जैसे, USB thumb drive. यह टेक्नोलॉजी कम पावर का यूज़ करती है और कम गर्मी((हीट) पैदा करती है. SSD में किसी पार्ट को आप हिला नहीं सकते है , यही कारण है की यह पोर्टेबल एप्लीकेशन में अधिक स्थिर नहीं होते है.

हार्ड डिस्क ड्राइव की विशेषताएं (Characteristic of Hard Disk in Hindi)

1.Storage Capacity: हार्ड डिस्क ड्राइव एक स्टोरेज ड्राइव है , प्रतेक हार्ड डिस्क ड्राइव की कैपिसिटी अलग अलग होती है इस कैपिसिटी को बाइट से मापा जाता है. आज के हार्ड ड्राइव की कैपिसिटी गीगा और टेरा बाइट में मापी जाती है.

2.Speed: हार्ड डिस्क ड्राइव का स्पीड इस पर निर्भर करता है की प्लेट्स के घूमने पर मैग्नेटिक प्लेट का डाटा कितनी देरी में पढ़ा और लिखा जाता है.HDD 125mbytes प्रति सेकंड में डाटा को लिखता और पड़ता है.

3.Connection Type: हार्ड डिस्क ड्राइव SATA , PATA या SCSI केबल के द्वारा कंप्यूटर से कनेक्टेड होते है. पहले PATA का उपयोग किया जाता था और अब SATA का उपयोग किया जाता है.

4.Cost: सभी हार्ड डिस्क ड्राइव की तुलना में मैग्नेटिक ड्राइव सबसे सस्ती है , इसलिए ये बैकअप के लिए यूज़ किये जाते है.

5.Physical Size: मैग्नेटिक हार्ड डिस्क ड्राइव SSD से बड़े होते है क्यूंकि इनमे मकैनिकल कॉम्पोनेन्ट होते है.

6.Durability: हार्ड डिस्क ड्राइव कम स्थिर होते है ,क्यूंकि इसमें गतिशील मैकेनिकल कॉम्पोनेन्ट होते है.

7.Energy Efficiency: हार्ड डिस्क ड्राइव ज्यादा बिजली (6-7) वाट्स का उपभोग करते है.

हार्ड डिस्क ड्राइव स्टोरेज कैपेसिटी कितनी होनी चाहिए

16 GB, 32 GB and 64 GB: इस रेंज की हार्ड डिस्क ड्राइव स्टोरेज स्पेस के लिए बहुत कम है , इसे पुराने और छोटे डिवाइस में पाया जाता है.

120 GB and 256 GB: इस रेंज के हार्ड डिस्क ड्राइव को कंप्यूटर या लैपटॉप में एंट्री पॉइंट के रूप में जाना जाता है.

500 GB, 1 TB and 2 TB: यूजर के लिए 500 GB स्टोरेज स्पेस वाला कंप्यूटर या लैपटॉप को अच्छा माना जाता है. इतने स्टोरेज स्पेस में यूजर सांग, वीडियो ,इमेज एंड अन्य फाइल्स को आसानी से स्टोर करके रख सकता है.

More than 2 TB: 2TB से अधिक का हार्ड डिस्क स्टोरेज स्पेस उन लोगो के लिए अच्छा है जो हाई रसोलाशन फाइल्स साथ काम करते है.

नोट: आज एक समय का हाई कपीसिटी वाला हार्ड डिस्क ड्राइव 20TB का है.

हार्ड डिस्क ड्राइव में होने वाली सामान्य गलतिया

आपकी हार्ड डिस्क ड्राइव कई प्रकार के कारणों के कारण खराब या फैल हो सकती है ,जिनमे छह मुख्य श्रेड़ी है;

1.Electrical failure(विद्युत विफलता): यह तब होता जब पावर सर्ज हार्ड डिस्क ड्राइव की इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को छति(डैमेज) पहुँचती है , जिससे की रीड /राइट हेड या सर्किट बोर्ड फेल हो जाता है. ऐसे समय पर आपको चेक करना है की , अगर आपका हार्ड डिस्क ड्राइव चालू है ,लेकिन वह डाटा या बूट को पढ़ या लिख नहीं सकता है , तो इसका मतलब यह है की इसके एक या एक से अधिक कॉम्पोनेन्ट को electrical failure का सामना करना पड़ा है.

2.Mechanical failure(मशीनी खराबी): Mechanical failure टूट फुट के कारण हो सकता है या किसी हार्ड ड्राप के कारण भी हो सकता है. इसके अलावा भी रीड /राइट ड्राइव हेड किसी रोटेटिंग प्लेटर से भी टकराया होगा , जिसके कारण फिजिकल छति पहुंच सकती है.

3.Logical failure(तार्किक विफलता): Logical failure तब ही होगा जब आप से या किसी और से हार्ड डिस्क ड्राइव के सॉफ्टवेयर के साथ छेड़ खानी हुई होगी। सभी प्रकार के डाटा Logical failure का कारण हो सकते है जैसे, कर्रप्टेड फाइल्स , मैलवेयर ,वायरस या किसी एप्लीकेशन को गलत तरीके से बंद करना या कोई ऐसी फाइल्स जो हार्ड को चलाने के लिए , महत्वपूर्ण हो उसे डिलीट कर देना।

4.Bad sector failure(खराब क्षेत्र की विफलता): Bad sector failure तब होता है जब हार्ड डिस्क ड्राइव के प्लेटर पर मैग्नेटिक मीडिया गलत तरीके से रखा या संरेखित किया जाता है , जिसके कारण प्लैटर्स का एक विशिस्ट एरिया ख़राब हो जाता है. जिसके कारण बाद में सिस्टम क्रैश , ख़राब फाइल्स एंड हार्ड डिस्क ड्राइव को चलने में खराबी जैसी परशानी हो सकती है.

5.Firmware failure(फर्मवेयर विफलता): Firmware failure तब होता है जब सॉफ्टवेयर जो ड्राइव को मैंटेन करता है और हार्ड डिस्क को कंप्यूटर से कम्युनिकेट(बात-चित) करने योग्य बनता है वह कर्रप्टेड(अनुपयोगी) हो जाता है या अच्छे से काम करना बंद कर देता है. इस प्रकार के Failure मे बूटउप के समय डिस्क को फ्रिज कर सकता है.

6.Multiple unknown failures(कई अज्ञात विफलताएं): Multiple unknown failures में समय के साथ बहुत सी समस्याएं हो सकती है उदहारण , एक इलेक्ट्रिकल प्रॉब्लम मकैनिकल फेलियर का कारण बन सकती है जैसे रीड /राइट हेड क्रैश। यह एक लॉजिकल फेलियर का कारण भी बन सकती है जिससे हार्ड डिस्क ड्राइव प्लैटर्स पर कई ख़राब सेक्टर निर्माण हो सकते है.

FAQ:

1.हार्ड ड्राइव पर क्या स्टोर होता है?

फोटोज , वीडियोस , सांग्स ,टेक्स्ट डाक्यूमेंट्स , डाउनलोड फाइल्स और भी अन्य फाइल्स हार्ड डिस्क ड्राइव में स्टोर की जाती है.

2.हार्ड ड्राइव कि साइज़ कितनी होती हैं?

हार्ड डिस्क ड्राइव की साइज 100 मेगाबाइट से 100 गीगाबाइट और 100 गीगाबाइट से कई टेराबाइट तक होती है.

3.हार्ड डिस्क ड्राइव में कौन से पार्ट होते हैं?

  • Platters
  • Spindle
  • Actuator
  • Read/Write Arm

4.मैं हार्ड ड्राइव कैसे चुनूं?

  • सही इंटरफ़ेस को चुनना जरुरी है.
  • सही कपीसिटी को चुनना जरुरी है.
  • एक बड़े कैश वाला मॉडल ही ख़रीदे।
  • पावर का उपभोग और आवाज के लेवल पर ध्यान दें।
  • वारंटी कितने साल की है.
  • एमटीबीएफ.
  • एमटीटीआर.

5.हार्ड ड्राइव का उपयोग किसके लिए किया जाता है?

हार्ड डिस्क का उपयोग इमेज , म्यूजिक ,वीडियो और डाक्यूमेंट को स्टोर करने के लिए होता है. इसके साथ इसका उपयोग ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर को स्टोर करने के लिए भी किया जाता है.

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