URL क्या है ? What is Url in HIndi । Types of URL in Hindi

What is Url in HIndi: यूआरएल(URL) का पूरा नाम यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर होता है। इसके माध्यम से आप किसी भी वेबसाइट या किसी भी वेबसाइट के वेब पेज तक आसानी से पहुच सकते हैं। हालांकि यह यूआरएल छोटे या बड़े हो सकते हैं। यह यूआरएल सामान्य रूप से चार पार्ट्स से मिलकर बनते हैं।

प्रोटोकॉल, होस्ट नेम, फ़ोल्डर नेम और फाइल नेम। अभी तक अप समझ चुके होंगे की आज हम इस लेख में यूआरएल और यूआरएल से जुड़े महत्वपूर्ण बातों के ऊपर विचार करने वाले है. तो सबसे पहले जानते है यूआरएल क्या होता है?

यूआरएल क्या है? URL in Hindi

जैसे मैने आपको ऊपर ही बताया कि यूआरएल का फुल फॉर्म यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर होता है और यह वेब पर किसी भी वेबसाइट या वेबसाइट के पेज का पता होता है.

बिना URL के आप ब्राउजर से कुछ भी सर्च नही कर सकते है. वेब पर हर Website या Page का एक नया URL होता है. तो चलिए अब यूआरएल के इतिहास के बारे में भी थोड़ा जानते है.

URL Full Form in Hindi

URL का पूरा नाम होता है “यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर“। URL का उपयोग इंटरनेट पर web pages, files, और अन्य Resorce को पहचानने और पहुँचने के लिए किया जाता है। URL वेब ब्राउज़िंग के दौरान web address को खोलने और दिखाने के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे कि वेबसाइटों के address जैसे कि “https://www.example.com”।

URL का इतिहास क्या है और इसकी खोज किसने किया?

टिम बर्नर्स-ली ने यूआरएल का अविष्कार किया था. इस अविष्कार करने के पीछे इनका उद्देश्य था की लोग जो पाना चाहते है वह उन्हें आसानी और सटीक रूप से मिले.इसके लिए ही उन्होंने यूआरएल तकनीक का अविष्कार किया और लोगो को समझाया की यूजर किसी भी वेब पेज या वेबसाइट पर इस तरह से आसानी से पहुंच सकते है.

URL का उद्देश्य क्या है?

अभी तक पर URL और इसके इतिहास के बारे में जान चुके है तो चलिए जानते है की URL Technology के विकसित करने के पीछे का उद्देश क्या था. क्या URL Technology विकसित होने से पहले वेबसाइट पर लोगो का जाना मुश्किल था? और यदि जाना आसान भी था तो लोग कैसे जाते थे.

पहले के समय में जब लोगो को किसी वेबसाइट पर जाना होता था, तब वह आईपी एड्रेस का उपयोग करते थे. यह एक न्यूमेरिक नंबर होती थी, जो हर वेबसाइट की अलग अलग होती थी.

जिसे यूजर को याद रखने में काफी मुश्किल होती थी. लेकिन जब से यूआरएल तकनीक का विकाश हुआ तब से लोगो को काफी जादा आसानी होनी लगी किसी भी वेबसाइट पर पहुंचने के लिए.

यूआरएल विशेषतः डोमेन नेम सिस्टम पर काम करता है जैसे गूगल, याहू और आदि. यूआरएल तकनीक से पहले इन सभी वेबसाइट को आईपी एड्रेस के द्वारा उपयोग में लाया जाता था.

Search Engine क्या है? Search Engine की पूरी जानकारी| Search Engine in Hindi

यूआरएल के प्रकार कितने है? Types of URL in Hindi

यूआरएल के कई प्रकार होते है जिनमे से कुछ नीचे दिए गए है:

Messy

ये यूआरएल कैरेक्टर्स और नंबर्स से मिलकर बने होते है इनका वास्तव में कोई अर्थ नहीं होता है. ऐसे यूआरएल को याद करना भी बहुत चुनौतीपूर्ण होता है, ऐसे यूआरएल कंप्यूटर के द्वारा ही बनाए जाते है.

Dynamic

यह यूआरएल जंबल्ड यूआरएल के समान होते है इन्हे कंप्यूटर के द्वारा ही बनाया जाता है. लेकिन इनके कैरेक्टर्स अन्य यूआरएल से भिन्न होते है जैसे #,%,*,:, और आदि. ऐसे यूआरएल को आप ई कॉमर्स वेबसाइट पर जरूर देखते होते है.

Obfuscated

ऐसे यूआरएल में सुरछा का प्रतिशत बहुत कम होता है. इन यूआरएल को गलत कामों के लिए भी उपयोग किया जाता है. इसलिए आपको इन यूआरएल से बचना चाहिए.

सुरक्षित यूआरएल क्या है? Secure URL in Hindi

जिस वेबसाइट के यूआरएल में https दिखाई दे मानो वह यूआरएल सुरछित है. किसी भी वेबसाइट के यूआरएल में https तभी दिखाई देता है जब उस वेबसाइट में ssl सर्टिफिकेट का उपयोग किए जा रहा हो.

यदि आपके वेबसाइट में https//:websitename.com दिखाई दे तो मानो की उस वेबसाइट में ajn ssl सर्टिफिकेट का उपयोग किया जा रहा है और वह वेबसाइट एक सुरछित वेबसाइट है. लेकिन आपको केवल http/:website name.com दिखाई दे रहा है तो इसका मतलब उस वेबसाइट में ssl का उपयोग नहीं किया जा रहा है और उस वेबसाइट के कंटेंट सुरछित नही है.

Url sorting क्या है? What is URL Sorting in Hindi

जब हम कभी किसी वेबसाइट से यूआरएल को कॉपी करते है तो उस वेबसाइट के उस यूआरएल की लंबाई बड़ी हो सकती है. ऐसे समय में बहुत से ऐसे प्लेटफॉर्म है, जो इस प्रकार की url को सपोर्ट नहीं करते है या वे यूआरएल इन प्लेटफार्म पर शेयर नही हो पाते है.

इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सोर्टिग तकनीक का उपयोग किया जाता है. यूआरएल सोर्टिंग तकनीक की सहायता से आप किसी भी यूआरएल को छोटा कर सकते है और किसी भी प्लेटफार्म पर शेयर करने योग्य बना सकते है.गूगल पर आपको बहुत से ऐसे यूआरएल सोर्टनर टूल्स मिल जायेंगे जो अब को छोटा करते है जैसे bit.ly.

यूआरएल प्रमुख भाग (Parts of URL in Hindi)

यूआरएल के प्रमुख भाग होते है जो नीचे दिए गए है:

Protocal

यह वह तकनीक हैं जिससे डाटा एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में भेजा जाता है. जैसे अभी आप देखते होंगे वेबसाइट के अब के आगे https:// लगा होता है जिसका अर्थ यह है की सर्वर द्वारा भेजी गई जानकारी अनक्रिप्टेड और सुरछित है. जब अप किसी वेबसाइट में अपने पर्सनल डिटेल भर रहे होते है तो उस समय वेबसाइट के यूआरएल में https:// आइकन या ताले के आइकन को जरूर देखे.

Subdomain

subdomain किसी वेबसाइट किसी वेबसाइट का एक्सटेंशन होती है इसका उपयोग वह लोग अधिक करते है जिनकी वेबसाइट एक से अधिक देशों में देखी जाती है.

जैसे english.websitename.com यह एक subdomain है वेबसाइट websitename.com का . मान लो की आपके वेबसाइट के आर्टिकल फ्रेंच में भी है तो आप अपने वेबसाइट का ही एक subdomain बना सकते है जो french.websitename.com.

Domain name

वेब एड्रेस में जिसे लोग काफी अधिक याद रखते है वह है डोमेन नेम. जैसे की मेरे इस वेबसाइट का डोमेन नेम Onetechgurukul है और बहुत से लोग इसे ही लिख कर इंटरनेट पर सर्च करते है. जब भी आप किसी वेबसाइट के डोमेन नेम को लिख कर सर्च करते है तो आप सबसे पहले उस वेबसाइट के होम पेज पर पहुंच जाते है.

यदि आप किसी वेबसाइट के डोमेन नेम को चुनना चाहते है तो सबसे पहले अपने कुछ घंटे डोमेन को चुनने पर विचार करे. डोमेन नेम के बाद आपको ख भी चुनना बहुत महत्वपूर्ण है की आपको कोन सा डोमेन नेम सेलेक्ट करना करना है .com,.in,.net,.co, और भी बहुत कुछ. इन सभी डोमेन नेम में .com सबसे अधिक लोकप्रिय है.

Path

यदि आप किसी वेबसाइट के होम पेज पर जाना चाहते है तो प्रोटोकाल और डोमेन नेम आपके लिए काफी है लेकिन यदि आप उस वेबसाइट के अन्य पेजों पर भी जाना चाहते है आपको आपको TLD पाथ से होकर गुजरना होगा. यह ब्राउजर को वेबसाइट के पेजों तक जाने का निर्देश देता है.

निष्कर्ष:

यूआरएल क्या है? और URL से जुड़ी जानकारियां आपको कैसी लगी. इसपर विचार करके आप मुझे कॉमेंट बॉक्स में बता सकते है. मैने अपने तरफ से पूरी कोसिस की आपको आसान शब्दों में समझाने की यदि मेरे समझाने के तरीके में को कमी है तो वो भी मुझे बताइए.धन्यवाद.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top