Domain Name क्या है? Domain कैसे काम करता है?Domain in Hindi

यदि आप एक वेबसाइट को बनाना चाहते है तो आपको एक डोमेन नेम खरीदना पड़ता है. डोमेन नेम ही आपके वेबसाइट का नाम होती है. कोई यूजर आपकी वेबसाइट को डोमेन नेम से जानेगा।

इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की डोमेन नेम क्या है? डोमेन नेम कैसे काम करता है? और डोमेन से जुडी कुछ महत्वूर्ण जानकारी। जो किसी भी वेबसाइट को जानना चाहिए।

Domain Name क्या है?

डोमेन नेम किसी भी वेबसाइट की एड्रेस होती है. डोमेन नेम के जरिये ही कोई भी यूजर हमारे वेबसाइट पर आ सकता है.उदाहरण के लिए, https://www.google.com/, https://www.facebook.com/ और इत्यादि।

यदि आप किसी वेबसाइट पर जाना चाहते है तो आप ब्राउज़र के एड्रेस बार में उस वेबसाइट के डोमेन नेम को टाइप करे और एंटर पर क्लिक करे. आप देखेगे की आप सीधे वेबसाइट के पेज पर पहुंच जायेंगे।

सबसे पहले आपको डोमेन नेम को रजिस्टर करना पड़ता है या खरीदना पड़ता है. डोमेन नेम को आप एक साल के लिए या तीन से पांच साल भी खरीद सकते है.

आप एक बार जिस डोमेन नेम को खरीदेंगे उसे कोई दुसरा व्यक्ति खरीद नहीं सकता है. डोमेन नेम प्रदान करने वाली बहुत सी कंपनिया है आप रिसर्च करके खरीद सकते है. निचे मैं आपको लिस्ट दे दूंगा।

Subdomain क्या है?

Subdomain आपके डोमेन का ही एक पार्ट होता है. आप इसे एक्सटेंशन की तरह भी ले सकते है जैसे की यदि आपकी वेबसाइट xyz है और आप हिंदी में ब्लॉग लिखते है. यदि आप इंग्लिश में भी ब्लॉग लिखना चाहते है तो आप english.xyz का Subdomain बनाकर इसमें इंग्लिश में ब्लॉग लिख सकते है.

Domain Name कैसे काम करता है?

जब आप किसी वेबसाइट का डोमेन नेम किसी वेब ब्राउज़र पर टाइप करते है तो आपके कंप्यूटर का DNS सर्वर उस वेबसाइट के लिए Request भेजता है.

इसके बाद DNS सर्वर उस name server की खोज करता है जो आपके request की हुई वेबसाइट से जुडी हुई होती है.वेब होस्टिंग कंपनी खुद के name server का उपयोग करती है।

जब भी DNS SERVER को आपकी REQUEST की हुई वेबसाइट का NAME SERVER मिल जाता है तो वह आपके REQUEST को NAME SERVER तक पहुंचाता है.

इसके बाद वह NAME SERVER उस कंप्यूटर से संपर्क करता है जिसमे आपके द्वारा रिक्वेस्ट की हुई वेबसाइट की फाइल होती है. NAME SERVER उन फाइल्स कंप्यूटर तक पहुंचाने का आदेश देता है.

वेब सर्वर(जिस कंप्यूटर में आपकी फाइल रखी हुई है) आपके द्वारा रिक्वेस्ट किये जाने पर वेबसाइट के फाइल्स को आपके कंप्यूटर तक पहुंचाता है.

Domain Name के प्रकार

TOP LEVEL DOMAIN

टॉप लेवल डोमेन में वे डोमेन नेम आते है जिसका उपयोग सबसे अधिक किया जाता है. जैसे की .COM डोमेन नेम सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला और लोकप्रिय डोमेन नेम है.

इसके आलावा भी .net,.org,.info भी टॉप लवेल में ही आते है. टॉप लेवल डोमेन नेम के बहुत से फायदे होते है.

COUNTRY CODE TOP LEVEL DOMAIN

इस प्रकार में हर देश का अपना अपना डोमेन नेम होता है.जैसे US के लिए .us, इंडिया के लिए .in. यदि आप किसी देश के ट्रैफिक को टारगेट कर रहे है तो आप ऐसे डोमेन नेम का उपयोग कर सकते है. यदि आप इंडिया में है तो आपको .in डोमेन का उपयोग करना चाहिए।

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ये डोमेन नेम किसी विषेश कम्युनिटी को दर्शाते है जैसे एजुकेशन के लिए .EDU और गवर्नमेंट के लिए .GOV.

Domain Name और Hosting में क्या अंतर है?

डोमेन नेम आपके वेबसाइट का एड्रेस और नाम होता है, वही होस्टिंग आपके वेबसाइट का एड्रेस होता है जहा पर आपके वेबसाइट की फाइल्स संग्रहित होती है.

लेकिन एक वेबसाइट को चलाने के लिए दोनों की जरुरत पड़ती है. यदि आप केवल डोमेन नेम खरीदते है तो आप अपनी वेबसाइट को ऑनलाइन नहीं ले सकते है. वेबसाइट को पब्लिक करने के लिए आपको होस्टिंग भी खरीदना पड़ेगा। तभी आपकी वेबसाइट ऑनलाइन होगी और यूजर को दिखेंगी।

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